मधुबनी, विसं: वासंतिक नवरात्र पर शहर से सटे मंगरौनी गांव स्थित माता भुवनेश्वरी दुर्गा सिद्धपीठ पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। विदित हो कि 28 सितंबर 1941 में यहां के प्रसिद्ध तांत्रिक पं.मुनीश्वर झा द्वारा स्थापित भुवनेश्वरी सिद्धपीठ पर विशेष कर शारदीय व वासंती नवरात्र पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। सिद्धपीठ परिसर में कष्टहारिणी पोखरा, गौरीशंकर राधेश्याम सह एकादश रूद्र महादेव मंदिर, दंडपाणि भैरव एवं सरस्वती माता की भव्य मंदिर हैं। सिद्धपीठ के उत्तराधिकारी सह पं.पितांबर झा ने बताया कि सिद्धपीठ पर आने वाले भक्त खाली हाथ नहीं जाते हैं। भक्तों की मनोकामनाएं यहां पूरी होती हैं। यही कारण है कि दुर्गापूजा के अलावा अन्य दिनों में भी यहां जिले के दूर दराज से तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों से भक्तों का आना जारी रहता है। सिद्धपीठ परिसर में वर्ष 1947 में निर्मित लकड़ी से बने धर्मशाला की स्थिति जर्जर हो चुकी है। कहते हैं कि वर्ष 1934 में भयंकर भूकंप के बाद यहां पं.मुनीश्वर झा द्वारा धार्मिक अनुष्ठान शुरु किया गया जिसके बाद यहां माता भुवनेश्वरी सिद्धपीठ की स्थापना की गई।
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