Mar 29, 2012

छठ पर उमड़ा आस्था का सैलाब

Mar 29, 2012 |

मधुबनी, संवाद सूत्र : इसे तिथि के अंतर का संयोग कहें कि चैती छठ को लेकर गुरुवार को उदयागामी तथा अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अ‌र्घ्य दिया गया। विदित हो कि तिथि के अंतर के कारण चैती छठ व्रतियों द्वारा स्थानीय गंगा सागर तालाब घाट पर बुधवार की संध्या अस्ताचलगामी तथा गुरुवार की सुबह उगते हुए भगवान भास्कर को अ‌र्घ्य दिया गया। वहीं इससे इतर व्रतियों द्वारा गुरुवार की संध्या अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अ‌र्घ्य अर्पण किया गया जबकि शुक्रवार की सुबह उगते हुए भगवान भास्कर को अ‌र्घ्य दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि चैती छठ को लेकर यहां तिथि के अंतर का संशय बना रहा। देखा गया कि बुधवार को सांध्य अ‌र्घ्य तथा गुरुवार को सुबह अ‌र्घ्य देने वाले व्रतियों की संख्या कम देखी गई। वहीं गुरुवार को सांध्य अ‌र्घ्य अर्पण करने वाली व्रतियों की संख्या अधिक देखी गई। बहरहाल चैती छठ पर तालाब घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। काफी पवित्रता पूर्वक माहौल में चैती छठ को लेकर यहां भक्तिमय माहौल देखा गया। छठ घाटों पर चैती छठ को लेकर यहां भक्तिमय माहौल देखा गया। छठ घाटों पर चैती छठ को लेकर मेला सा दृश्य देखा गया। घाटों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों से छठ मैया की गीत से माहौल आध्यात्मिक बना रहा। फुलपरास निसं के अनुसार चैती छठ पूजा का समापन गुरुवार को उगते सूर्य को साविधि अ‌र्घ्य देने के साथ समाप्त हुआ। सोमवार को नहाय-खाय एवं मंगलवार को खरना के साथ शुरू हुआ चैती छठ में लोगों की भीड़ आमतौर पर कम दिखी परन्तु जिन परिवारों में इसका आयोजन किया गया वहां का वातावरण भक्तिमय बना रहा। बच्चों ने आतिशबाजी की। सूर्य अराधना के गीतों ने समां भी बांधा। भक्तिभाव से श्रद्धालुओं ने सूर्यदेव की पूजा विधिपूर्वक की।
बासोपंट्टी निप्र के अनुसार प्रखंड मुख्यालय स्थित पवित्र बभनदेई तालाब में गुरुवार को श्रद्धालुओं ने बड़े ही उत्साहपूर्वक अस्तांचलगामी सूर्य को अ‌र्घ्यदान किया। यहां चैती छठ भी उत्साहपूर्वक मनाई जाती है। छठ पूजा समिति द्वारा तालाब के घाट को सजाया गया है। घाट पर गाजा-बाजा एवं रोशनी की प्रबंध किया गया है। छठ व्रत के अवसर पर रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में फेंट, करुणा, कमलपुर, मनमोहन गांवों से भी चैती छठ श्रद्धा से मनाए जाने की खबर मिली है। घाट पर छठ व्रतियों के प्रति उद्गार व्यक्त करने तथा धार्मिक आस्था वालों की संख्या अधिक थी। एक व्रती रामसखी देवी बताती हैं कि वे गत तीस वर्षो से यह व्रत करती आ रही हैं।
बेनीपंट्टी निप्र के अनुसार पवित्रता, दया धर्म व लोक आस्था के पर्व चैती छठ भगवान के प्रात:कालीन अ‌र्घ्य के बाद संपन्न हो गया है। बेनीपंट्टी के पिलुआही तलाब पर चैती छठ में काफी भीड़ थी। छठ घाट पर छठ मइया के गीत गूंज रहे थे।


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